1. SISFS, Startup India Seed Fund Scheme (बंद)
स्थिति: बंद। DPIIT की इस योजना ने 31 मई 2026 को रात 11:59 बजे (IST) से स्टार्टअप्स के नए आवेदन लेना बंद कर दिया। इनक्यूबेटर्स के पास अपना चयन पूरा करने के लिए 30 जून 2026 तक का समय था। कोई नई कॉल घोषित नहीं हुई है।
पुराने लेख अब भी SISFS को पहली योजना बता सकते हैं। वह जानकारी पुरानी है। यह योजना कैसे चलती थी, यह अंग्रेज़ी की SISFS गाइड में है।
2. NIDHI PRAYAS 2.0, DST
राशि: PRAYAS सेंटर पर ₹20 लाख तक, Advance PRAYAS सेंटर पर ₹40 लाख तक
किसके लिए: फ़िज़िकल प्रोडक्ट और हार्डवेयर का प्रोटोटाइप
कौन आवेदन कर सकता है: 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र का भारतीय नागरिक
DPIIT: ज़रूरी नहीं
पोर्टल: nidhi-prayas.org
यह प्रोटोटाइप बनाने का ग्रांट है, और सिर्फ़ उन चीज़ों के लिए जिन्हें छुआ जा सके। सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर, ऐप, ई-कॉमर्स और सर्विस वाले आइडिया इसमें नहीं आते। अगर आपका प्रोडक्ट सॉफ़्टवेयर है, तो नीचे TIDE 2.0 देखिए।
3. NIDHI EIR, DST
राशि: ₹30,000 महीना तक (कम से कम ₹10,000), 12 महीने तक, यानी कुल ₹3.6 लाख तक
कौन आवेदन कर सकता है: भारतीय नागरिक, जिसके पास चार साल की औपचारिक डिग्री शिक्षा हो
यह ग्रांट नहीं, स्टाइपेंड है: आइडिया पर काम करते हुए हर महीने मिलने वाली रकम। इसके साथ कोई अलग स्टार्टर ग्रांट नहीं मिलता, और बाहर से फ़ंडिंग जुटाते ही स्टाइपेंड बंद हो जाता है।
4. BIRAC BIG, DBT
राशि: ₹50 लाख तक, 18 महीने तक
किसके लिए: बायोटेक रिसर्च, जिसमें व्यावसायिक संभावना हो
कॉल: हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को खुलती है
पोर्टल: birac.nic.in/big.php
यह बायोटेक और लाइफ़ साइंसेज़ के फ़ाउंडर्स के लिए है। कॉल की तारीख़ें तय हैं, इसलिए प्रस्ताव पहले से तैयार रखिए।
5. MeitY TIDE 2.0
राशि: दो चरण: आइडिया से प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट तक ₹4 लाख तक, फिर प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट से प्रोडक्ट तक ₹7 लाख तक, हर चरण 12 महीने का
किसके लिए: ICT स्टार्टअप
आवेदन: TIDE इनक्यूबेटर के ज़रिए
सॉफ़्टवेयर बनाने वाले फ़ाउंडर्स को यह योजना ज़रूर देखनी चाहिए, क्योंकि NIDHI PRAYAS सॉफ़्टवेयर को फ़ंड नहीं करती। अगर कहीं TIDE 2.0 के लिए ₹40 लाख या उससे ज़्यादा लिखा दिखे, तो वह इस योजना का आँकड़ा नहीं है।
6. MSME Innovative (इनक्यूबेशन), MSME मंत्रालय
राशि: प्रति आइडिया ₹15 लाख तक, जो मंज़ूर होस्ट इंस्टिट्यूट को मिलती है, फ़ाउंडर को नहीं
लागत का बँटवारा: मंत्रालय मंज़ूर लागत का 85% देता है, इनक्यूबेटी 15%; छात्रों को कुछ नहीं देना होता
आवेदन: सिर्फ़ होस्ट इंस्टिट्यूट के ज़रिए
पोर्टल: innovative.msme.gov.in
पैसा दो हिस्सों में आता है: मंज़ूरी पर 70%, और पहली किस्त का 60% ख़र्च होने के बाद बाक़ी 30%। योजना बनाते समय याद रखिए कि यह रकम आपके बैंक खाते में नहीं, होस्ट इंस्टिट्यूट के पास जाती है।
7. RKVY-RAFTAAR, एग्रीबिज़नेस
राशि: प्री-सीड में ₹5 लाख तक, सीड में ₹25 लाख तक
आवेदन: RAFTAAR इनक्यूबेटर्स के ज़रिए
खेती और एग्रीबिज़नेस में काम करने वाले स्टार्टअप्स के लिए। तारीख़ें और शर्तें अपने नज़दीकी RAFTAAR इनक्यूबेटर से पूछिए।
DPIIT मान्यता: पहले यह ले लीजिए
DPIIT स्टार्टअप मान्यता के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं है। इससे 80-IAC के तहत इनकम टैक्स छूट, श्रम और पर्यावरण क़ानूनों में सेल्फ़-सर्टिफ़िकेशन, फ़ीस में छूट के साथ IPR फ़ास्ट-ट्रैक, और उन राज्य योजनाओं में पात्रता मिलती है जो इसे माँगती हैं, जैसे TANSEED, KSUM Productisation Grant और Maharashtra Startup Week।
हर केंद्रीय योजना इसे नहीं माँगती: NIDHI PRAYAS 2.0 में यह ज़रूरी नहीं है। फिर भी ज़्यादातर फ़ाउंडर्स के लिए इसे जल्दी ले लेना समझदारी है।
सारांश
| योजना | विभाग | अधिकतम राशि | रास्ता |
|---|---|---|---|
| SISFS | DPIIT | बंद | 31 मई 2026 से नए आवेदन नहीं |
| NIDHI PRAYAS 2.0 | DST | ₹20 लाख (Advance सेंटर पर ₹40 लाख) | PRAYAS सेंटर |
| NIDHI EIR | DST | ₹30,000 महीना, कुल ₹3.6 लाख तक | स्टाइपेंड |
| BIRAC BIG | DBT | ₹50 लाख | 1 जनवरी और 1 जुलाई की कॉल |
| MeitY TIDE 2.0 | MeitY | ₹4 लाख, फिर ₹7 लाख | TIDE इनक्यूबेटर |
| MSME Innovative | MSME मंत्रालय | प्रति आइडिया ₹15 लाख, होस्ट इंस्टिट्यूट को | होस्ट इंस्टिट्यूट |
| RKVY-RAFTAAR | RKVY | ₹5 लाख प्री-सीड, ₹25 लाख सीड | RAFTAAR इनक्यूबेटर |
इन रकमों को जोड़कर कोई कुल आँकड़ा मत बनाइए। हर राशि एक अधिकतम सीमा है, और ज़्यादातर फ़ाउंडर्स इनमें से एक ही जीतते हैं। आवेदन से पहले योजना के अपने पोर्टल पर हर बात दोबारा जाँच लीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शुरुआती स्टार्टअप को सबसे पहले किस सरकारी ग्रांट के लिए आवेदन करना चाहिए?
यह इस पर निर्भर है कि आप क्या बना रहे हैं। SISFS, जो अक्सर पहला जवाब होता था, 31 मई 2026 से नए आवेदन नहीं ले रही। हार्डवेयर या फ़िज़िकल प्रोडक्ट के लिए NIDHI PRAYAS 2.0 प्रोटोटाइप के लिए PRAYAS सेंटर पर ₹20 लाख तक देती है, और इसमें DPIIT मान्यता नहीं चाहिए। बायोटेक स्टार्टअप BIRAC BIG में ₹50 लाख तक के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी कॉल 1 जनवरी और 1 जुलाई को खुलती है। सॉफ़्टवेयर स्टार्टअप TIDE इनक्यूबेटर के ज़रिए MeitY TIDE 2.0 देखें, या अपने राज्य की योजना।
क्या सरकारी ग्रांट के लिए DPIIT मान्यता ज़रूरी है?
हर योजना के लिए नहीं। NIDHI PRAYAS 2.0 में इसकी ज़रूरत नहीं है। TANSEED, KSUM Productisation Grant और Maharashtra Startup Week जैसी राज्य योजनाएँ इसे माँगती हैं, और 80-IAC टैक्स छूट और IPR फ़ास्ट-ट्रैक भी इसी से मिलते हैं। DPIIT मान्यता के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं है।
MSME Innovative का ₹15 लाख किसे मिलता है?
सीधे फ़ाउंडर को नहीं। यह प्रति आइडिया ₹15 लाख तक है और मंज़ूर होस्ट इंस्टिट्यूट को दिया जाता है। मंत्रालय मंज़ूर लागत का 85% देता है और इनक्यूबेटी 15%, छात्रों को कुछ नहीं देना होता। आवेदन सिर्फ़ होस्ट इंस्टिट्यूट के ज़रिए होता है।
अपने हिसाब से देखिए
इनमें से कौन सी योजना आप पर लागू होती है?
Incubateer आपकी प्रोफ़ाइल को इन योजनाओं और आपके राज्य की योजनाओं के असली नियमों से मिलाता है, और हर एक पर साफ़ फ़ैसला देता है। ऐप अंग्रेज़ी में है, योजनाओं की जानकारी वैसी ही जैसी पोर्टल पर प्रकाशित है।
अपने मैच देखिए